बीजापुर जिला पंचायत में बढ़ा विवाद, CEO और जनप्रतिनिधियों की तकरार पहुँची मुख्यमंत्री तक

बीजापुर।जिला पंचायत बीजापुर में इन दिनों माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है.निर्वाचित जनप्रतिनिधियों और जिला पंचायत CEO नम्रता चौबे के बीच विवाद अब बढ़ते हुए मुख्यमंत्री तक पहुँच गया है। इस पूरे मामले ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच तालमेल पर सवाल खड़े कर दिए हैं.जिला पंचायत अध्यक्ष जानकी कोरसा ने आरोप लगाया है कि जनप्रतिनिधियों को CEO चेंबर से बाहर जाने के लिए कहना उनका अपमान है। उन्होंने कहा कि इस व्यवहार के लिए CEO को सार्वजनिक रूप से क्षमा मांगनी चाहिए। वहीं जिला पंचायत सदस्य कविता कोर्राम और जनपद उपाध्यक्ष जितेंद्र लेकाम सहित अन्य सदस्यों का कहना है कि वे जनहित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने पहुंचे थे, लेकिन CEO द्वारा उन्हें चेंबर से बाहर निकल जाने को कहा गया, जिससे वे आहत हुए.घटना से नाराज जनप्रतिनिधियों ने एकजुट होकर बीजापुर कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि इस तरह का व्यवहार लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है और इससे जनहित के कार्य प्रभावित होते हैं.
वहीं दूसरी ओर जिला पंचायत CEO नम्रता चौबे ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने आरोपों को ‘बेबुनियाद और निराधार’ बताते हुए कहा कि उन्हें इस तरह की शिकायतों की जानकारी मीडिया के माध्यम से मिली है. CEO का कहना है कि उन्होंने किसी के साथ अभद्र व्यवहार नहीं किया और आरोप तथ्यहीन हैं.
फिलहाल यह विवाद प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि मुख्यमंत्री स्तर पर इस मामले में क्या निर्णय लिया जाता है और विवाद का समाधान किस प्रकार निकाला जाता है




