आवापल्ली में भव्य हिंदू सम्मेलन सम्पन्न, संतों और वक्ताओं ने दिया समाज एकता का संदेश
उसुर ब्लॉक के गायता निवासी परमा पुजारी साल-श्रीफल भेंट कर सम्मानित, बड़ी संख्या में श्रद्धालु रहे उपस्थित

बीजापुर।आवापल्ली में 08 फरवरी 2026 को भव्य हिंदू सम्मेलन का आयोजन श्रद्धा, उत्साह और अनुशासन के साथ सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ किया गया, जिसमें मंचासीन अतिथियों ने भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर सम्मेलन की विधिवत शुरुआत की।
सम्मेलन के मुख्य अतिथि संत श्री स्वामी प्रेम स्वरूपानंद सरस्वती, संत दिव्य जीवन संघ रहे। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि हिंदू समाज की एकता, संस्कार और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने युवाओं से धर्म, संस्कृति और राष्ट्रहित में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता सौमित्र लक्ष्मण चार्य, अधिवक्ता एवं सामाजिक कार्यकर्ता (वारंगल, तेलंगाना) रहे। उन्होंने समाज को संगठित होकर शिक्षा, सेवा और संस्कार के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता और राष्ट्रभक्ति के माध्यम से ही एक सशक्त समाज का निर्माण संभव है।राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग सह कार्यवाह कैलाश सोनी ने अपने संबोधन में संघ की विचारधारा एवं समाज निर्माण में उसकी भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक वर्ग को जोड़कर राष्ट्रहित में कार्य करना ही संगठन का उद्देश्य है।सम्मेलन के दौरान उसुर ब्लॉक के गायता निवासी परमा पुजारी को उनके सामाजिक व धार्मिक योगदान के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया। हिंदू सम्मेलन समिति आवापल्ली, जिला बीजापुर (छत्तीसगढ़) द्वारा परमा पुजारी को साल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मान प्रदान किया गया, जिस पर उपस्थित जनसमूह ने तालियों के साथ उनका अभिनंदन किया।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, सामाजिक कार्यकर्ता, मातृशक्ति एवं युवा वर्ग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का वातावरण पूरी तरह धर्म, संस्कृति और राष्ट्रभाव से ओतप्रोत रहा। अंत में आयोजकों द्वारा अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए सम्मेलन का समापन किया गया।




