छत्तीसगढ़

तेंदूपत्ता अग्निकांड पर बड़ा एक्शन: बीजापुर डीएफओ हटे, शासन का कड़ा संदेश

10 करोड़ के नुकसान पर वन मंत्री सख्त, लापरवाही पर नहीं मिलेगी राहत

बीजापुर।इटपाल तेंदूपत्ता अग्निकांड ने प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा दी है। इस बड़े मामले में वन मंत्री केदार कश्यप ने सख्त रुख अपनाते हुए बीजापुर के डीएफओ रमेश कुमार जांगड़े को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। उन्हें रायपुर स्थित प्रधान मुख्य वन संरक्षक कार्यालय में संबद्ध किया गया है। इस कार्रवाई को सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का संकेत माना जा रहा है।
मंत्री कश्यप के निर्देश पर अनुभवी अधिकारी जाधव सागर रामचंद्र को बीजापुर का नया डीएफओ नियुक्त किया गया है। सरकार ने साफ कर दिया है कि वनवासियों की मेहनत और आजीविका से जुड़ी व्यवस्थाओं में किसी भी तरह की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं होगी।
वन मंत्री ने दो टूक कहा कि तेंदूपत्ता हजारों आदिवासी परिवारों की आय का मुख्य आधार है। इसकी सुरक्षा में चूक करना सीधे तौर पर गरीब वनवासियों के अधिकारों पर चोट है। ऐसे मामलों में दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
25 मई को इटपाल के निजी गोदाम में लगी भीषण आग में हजारों बोरी तेंदूपत्ता जलकर खाक हो गया। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार करीब 10 करोड़ रुपये के नुकसान की आशंका जताई गई है। घटना के बाद मंत्री ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश देते हुए निष्पक्ष और समयबद्ध जांच पर जोर दिया है।
शासन ने गोदाम की सुरक्षा व्यवस्था, संग्रहण प्रक्रिया और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की गहन जांच के निर्देश दिए हैं। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए निगरानी तंत्र मजबूत करने की बात कही गई है। सरकार का स्पष्ट संदेश है—लापरवाही करने वालों पर अब सीधी और सख्त कार्रवाई

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