छत्तीसगढ़

वन विभाग की तत्परता से माउस डियर का सुरक्षित रेस्क्यू

कुत्तों के पीछा करने से पहुंचा था कलेक्ट्रेट परिसर

दंतेवाड़ा। कुत्तों के पीछा करने से भयभीत होकर कलेक्ट्रेट परिसर में पहुंचे एक माउस डियर (Mouse Deer) को दंतेवाड़ा वन विभाग की टीम ने तत्परता दिखाते हुए सुरक्षित रेस्क्यू किया। वनमंडलाधिकारी (DFO) के मार्गदर्शन में की गई कार्रवाई के बाद माउस डियर का पशु चिकित्सा अधिकारी से स्वास्थ्य परीक्षण एवं आवश्यक उपचार कराया गया। स्वस्थ होने के बाद उसे बचेली वन क्षेत्र के उपयुक्त प्राकृतिक आवास में सुरक्षित रूप से छोड़ दिया गया।


कुत्तों के पीछा करने से पहुंचा था कलेक्ट्रेट परिसर
जानकारी अनुसार माउस डियर का कुत्तों द्वारा पीछा किए जाने के कारण वह भयभीत होकर भागते हुए कलेक्ट्रेट परिसर में पहुंच गया था। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किया। इसके बाद पशु चिकित्सा अधिकारी द्वारा उसका स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा आवश्यक उपचार एवं देखरेख की गई। वनकर्मियों द्वारा उसके स्वास्थ्य और व्यवहार पर लगातार निगरानी रखी गई।
स्वस्थ होने पर बचेली के जंगल में किया गया पुनर्वास
माउस डियर के पूर्णतः स्वस्थ पाए जाने के बाद उसे बचेली वन क्षेत्र के उपयुक्त प्राकृतिक आवास में सुरक्षित रूप से मुक्त कर दिया गया। माउस डियर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-I में सूचीबद्ध वन्यजीव है, जिसके संरक्षण को विशेष महत्व दिया जाता है।
वन विभाग ने आम नागरिकों से की अपील
वन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि आबादी क्षेत्र में किसी भी वन्यजीव के दिखाई देने पर उसे पकड़ने, भगाने या उसके पास जाने का प्रयास न करें। इसकी सूचना तत्काल निकटतम वन विभाग कार्यालय या वन अमले को दें, ताकि प्रशिक्षित वनकर्मियों द्वारा वन्यजीव को सुरक्षित रेस्क्यू कर उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ा जा सके।

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