छत्तीसगढ़

भक्तों की आस्था का केंद्र शिद्देश्वर शिवालय, हर ओर दिखता है शुभ अंक 13

निर्माण, प्राण-प्रतिष्ठा और संरचना में छिपा अद्भुत आध्यात्मिक संयोग

आवापल्ली।आवापल्ली ग्राम में स्थित आस्था और श्रद्धा का प्रमुख केंद्र श्री शिद्देश्वर शिवालय अपने निर्माण और धार्मिक संयोगों के कारण पूरे क्षेत्र में विशेष पहचान रखता है। इस शिवालय का निर्माण अपने आप में अद्भुत संयोगों से भरा हुआ है, जहां हर महत्वपूर्ण पड़ाव पर 13 का शुभ अंक जुड़ा हुआ दिखाई देता है। मंदिर निर्माण में कुल 13 वर्ष, 13 माह और 13 दिन का समय लगा, वहीं भगवान शिद्देश्वर की प्राण-प्रतिष्ठा 13 मई 2013 को विधिविधान से संपन्न हुई। श्रद्धालु इसे ईश्वरीय कृपा और शुभ संकेत के रूप में देखते हैं।


मंदिर की विशेषता यहीं समाप्त नहीं होती। शिवालय तक पहुंचने के लिए बनी सीढ़ियों की संख्या 23 है, लेकिन जब इस अंक को 10 घटा कर  देखा जाता है तो यह भी 13 ही बनता है। इस अनोखे संयोग को भक्तजन अत्यंत चमत्कारी मानते हैं। मंदिर के निर्माण से लेकर संरचना तक हर जगह 13 का बार-बार आना श्रद्धालुओं की आस्था को और मजबूत करता है। स्थानीय लोगों का और मंदिर समिति के अध्यक्ष,सचिव और संरक्षक.कहना है कि यह शिवालय स्वयं में एक आध्यात्मिक संदेश देता है, जो भक्तों को सकारात्मक ऊर्जा और विश्वास प्रदान करता है।
एक और महत्वपूर्ण संयोग यह भी है कि आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक, विश्वविख्यात आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रवि शंकर गुरुदेव का जन्मदिन भी 13 मई को ही मनाया जाता है। इसी तिथि को शिद्देश्वर शिवालय की प्राण-प्रतिष्ठा होना भक्तों के लिए और भी खास बन जाता है। श्रद्धालुओं का मानना है कि यह संयोग इस मंदिर की आध्यात्मिक शक्ति को और अधिक बढ़ाता है।हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी शिद्देश्वर शिवालय में भव्य मेला एवं धार्मिक आयोजनों का आयोजन किया जा रहा है। आयोजन समिति के अनुसार, भगवान शिव और माता पार्वती के विवाहोत्सव का शुभारंभ 14 फरवरी से होगा, जो 16 फरवरी को पारंपरिक रीति-रिवाजों और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न होगा। तीन दिनों तक चलने वाले इस विवाह समारोह में भजन-कीर्तन, झांकियां और सांस्कृतिक कार्यक्रम श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेंगे।वहीं, धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ मेला कुल दस दिनों तक आयोजित किया जाएगा। मेले में दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पूजा-पाठ के साथ मनोरंजन, लोक नृत्य, सांस्कृतिक कार्यक्रम, खेल-तमाशे और विभिन्न प्रकार की दुकानें सजेंगी। यह मेला न केवल धार्मिक बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
मंदिर समिति और ग्रामवासियों द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश, पार्किंग और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। प्रशासन और स्वयंसेवकों की मदद से आयोजन को शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित बनाने की तैयारी है।
श्रद्धालुओं की मान्यता है कि शिद्देश्वर शिवालय में सच्चे मन से की गई पूजा-अर्चना से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। विशेष रूप से शिव-पार्वती विवाहोत्सव के दौरान यहां पहुंचने वाले भक्त अपने जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं।इस प्रकार, 13 के निरंतर शुभ संयोगों से जुड़ा आवापल्ली का शिद्देश्वर शिवालय एक बार फिर आस्था, विश्वास और उत्सव का भव्य केंद्र बनने जा रहा

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