छत्तीसगढ़

बीजापुर में नक्सलवाद अंतिम दौर में, 5–10 प्रतिशत माओवादी ही शेष: एसपी

मुठभेड़ों, गिरफ्तारी और आत्मसमर्पण से कमजोर पड़ा संगठन, 31 मार्च 2026 तक पूर्ण खात्मे का लक्ष्य

बीजापुर। पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव ने बताया कि जिले में नक्सलवाद अब अंतिम चरण में है और वर्तमान में मात्र 5–10 प्रतिशत माओवादी ही शेष बचे हैं। वर्ष 2024 से 2026 के बीच सुरक्षा बलों की प्रभावी कार्रवाई में 234 नक्सली मारे गए, 1181 गिरफ्तार किए गए तथा 918 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। संचार व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जियो व बीएसएनएल के 33 मोबाइल टावर स्थापित किए गए हैं।
मारे गए नक्सलियों में सीसीएम नरसिम्हा चालम उर्फ गौतम उर्फ सुधाकर, डीकेएसजेडसी भास्कर राव, डीवीसीएम नागेश, हंगा कर्मा, दिलीप बेड़जा, कन्ना बुच्चना, उर्मिला, वेल्ला व रैनू जैसे बड़े नाम शामिल हैं। गिरफ्तार माओवादियों में डीवीसीएम मल्लेश कुंजाम, एसीएम ताती मैनी उर्फ जिमो, अशोक पुंगाटी, पालो कवासी पाण्डू ककेम, रत्तु उरसा व लक्ष्मी पुनेम शामिल हैं। वहीं आत्मसमर्पण करने वालों में डीकेएसजेडसी इपा जगदीश, डीवीसीएम दिनेश मोड़ियम, विनोद कर्मा, जग्गू माड़, सोनू हेमला व लच्छु पूनेम उर्फ संतोष हुंगी जैसे नाम प्रमुख हैं।
एसपी ने बताया कि वर्ष 2025 में ‘पूना मारगेम’ योजना के तहत 635 माओवादी कैडर हिंसा छोड़कर पुनर्वासित हुए। अब तक 302 पुनर्वासित माओवादी विभिन्न ट्रेड में प्रशिक्षण प्राप्त कर आत्मनिर्भर बन रहे हैं। जिले में शांति का माहौल है और अंदरूनी इलाकों तक सड़क, बिजली, शिक्षा व स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंच चुकी हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि 31 मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद का पूरी तरह खात्मा हो जाएगा।

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