छत्तीसगढ़

आवापल्ली में लौटी रौनक और भरोसे की रोशनी, महाशिवरात्रि पर आस्था-उत्सव का भव्य आयोजन

महाशिवरात्रि पर आवापल्ली में आस्था और उल्लास का संगम, 13 वर्षों बाद भव्य पूजा-अर्चना व मीना बाजार का आयोजन

आवापल्ली। वर्षों तक सन्नाटा और भय का एहसास झेल चुके आवापल्ली में अब बदलाव की साफ झलक दिखाई देने लगी है। वर्ष 2013 में उद्घाटित शिव मंदिर में 13 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर भव्य पूजा-अर्चना और मीना बाजार के आयोजन ने पूरे क्षेत्र में नई ऊर्जा और खुशियों का संचार कर दिया। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि बदलते आवापल्ली की तस्वीर भी पेश करता नजर आया।


महाशिवरात्रि के दिन सुबह से ही शिव मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भक्तों ने जल, बेलपत्र और धतूरा अर्पित कर भोलेनाथ की आराधना की। “बोल बम”, “हर-हर महादेव” और “बाबा भोलेनाथ की जय” के जयकारों से पूरा आवापल्ली क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूब गया। वर्षों बाद ऐसा दृश्य देखकर ग्रामीणों के चेहरों पर विशेष उत्साह और संतोष साफ झलक रहा था।
सायंकाल जिला पंचायत सदस्य शंकरैया मड़वी ने जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती जानकी कोरसा एंव पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष कमलेश कारम और सरपंच आवापल्ली ईश्वरी उईका के साथ ग्राम के वरिष्ठ गण की उपस्थिति मे विधिवत पूजा-अर्चना कर भव्य मीना बाजार का शुभारंभ किया। कई वर्षों के अंतराल के बाद पुनः आयोजित यह मीना बाजार पूरे क्षेत्र के लिए उत्सव से कम नहीं था। रंग-बिरंगी दुकानों, बच्चों के झूलों, खिलौनों और स्वादिष्ट व्यंजनों की खुशबू ने माहौल को और भी जीवंत बना दिया।


मीना बाजार में बच्चों की खिलखिलाहट, युवाओं की चहल-पहल और बुजुर्गों की संतुष्ट मुस्कान ने यह साफ कर दिया कि आवापल्ली अब बदलाव के दौर से गुजर रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि पहले जहां शाम ढलते ही सन्नाटा छा जाता था, वहीं अब सामाजिक और धार्मिक आयोजनों के माध्यम से फिर से रौनक लौट रही है। भय का वातावरण कम होने से लोग खुलकर एक-दूसरे से मिल रहे हैं और सामूहिक आयोजनों में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।


इस आयोजन ने यह भी दर्शाया कि विकास और शांति का असर समाज के हर वर्ग पर पड़ रहा है। बच्चों के चेहरों पर खुशी, महिलाओं में उत्साह और बुजुर्गों में भरोसे की भावना दिखाई दी। लोगों ने कहा कि इस तरह के आयोजन न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत करते हैं, बल्कि समाज में आपसी भाईचारे और विश्वास को भी बढ़ावा देते हैं।महाशिवरात्रि पर हुए इस भव्य आयोजन में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में ग्रामवासी और श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर इसे यादगार बनाने में योगदान दिया। आयोजन के दौरान सुरक्षा और व्यवस्था भी सराहनीय रही, जिससे लोगों ने बेफिक्र होकर उत्सव का आनंद लिया।महाशिवरात्रि पर शिव मंदिर में हुई भव्य पूजा-अर्चना और मीना बाजार का आयोजन आवापल्ली के लिए केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उम्मीद, भरोसे और बदलते भविष्य का प्रतीक बनकर उभरा। यह आयोजन इस बात का संकेत है कि आवापल्ली अब डर से बाहर निकलकर विकास, आस्था और खुशहाली की राह पर आगे बढ़ रहा है।

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