नागदा के मुक्ति धाम को हाईटेक बनाने में जुटी संकटार्थ सन्नद्ध सामाजिक समिति
समिति के सदस्यों की पहल से सफाई, चिता वेदी, पौधारोपण और आधुनिक व्यवस्था; लकड़ी की बचत के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी मिल रही मजबूती

नागदा। सामाजिक सेवा और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में संकटार्थ सन्नद्ध सामाजिक समिति सराहनीय कार्य कर रही है। समिति के सदस्य रवि किशन पारीक, अजय जोशी, संजय जोशी, मंडलोई सहित अन्य सदस्य निरंतर मुक्ति धाम में विकास और व्यवस्था सुधार के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

समिति द्वारा मुक्ति धाम में नियमित साफ-सफाई, लेट-बाथ की व्यवस्था, चिता वेदियों का निर्माण तथा पौधारोपण जैसे कई महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं। इसके साथ ही अंतिम संस्कार की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और पर्यावरण के अनुकूल बनाने का प्रयास भी किया गया है। पहले जहां एक अंतिम संस्कार में लगभग 6 से 7 क्विंटल लकड़ी की आवश्यकता होती थी, वहीं अब आधुनिक व्यवस्था के माध्यम से मात्र एक क्विंटल लकड़ी में ही दाह संस्कार सम्पन्न हो रहा है। इससे लकड़ी की बचत के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी बड़ी मदद मिल रही है।

समिति ने मुक्ति धाम को और सुरक्षित तथा व्यवस्थित बनाने के लिए सीसी कैमरे भी लगवाए हैं। वहीं दोपहिया वाहनों के लिए अलग से स्टैंड की व्यवस्था भी की गई है। समिति के इस सराहनीय प्रयास से नागदा का शमशान घाट अब एक हाईटेक और सुव्यवस्थित मुक्ति धाम के रूप में विकसित हो रहा है, जिसकी क्षेत्र के लोग प्रशंसा कर रहे हैं।
