गणगौर पर्व: आस्था और परंपरा का प्रतीक
राजस्थानी समाज में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया पर्व

जगदलपुर/बीजापुर।।गणगौर का पर्व राजस्थानी समाज के प्रमुख और पारंपरिक त्योहारों में से एक है, जिसे विशेष रूप से महिलाओं द्वारा बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह पर्व भगवान शिव (गण) और माता पार्वती (गौर) को समर्पित होता है और वैवाहिक सुख, समृद्धि तथा सौभाग्य की कामना के लिए मनाया जाता है।

इस अवसर पर विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए व्रत रखती हैं, वहीं अविवाहित युवतियां मनचाहे वर की प्राप्ति के लिए पूजा-अर्चना करती हैं। गणगौर के दौरान महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सज-धज कर लोकगीत गाती हैं और मिट्टी की गणगौर प्रतिमाओं की पूजा करती हैं। त्योहार के अंतिम दिन भव्य शोभायात्रा निकाली जाती है, जिसमें गणगौर की प्रतिमाओं को सजाकर जल स्रोतों में विसर्जित किया जाता है।
इस दौरान पूरे माहौल में उत्सव और उल्लास का माहौल देखने को मिलता है।जगदलपुर मे राजस्थानी महिलाये गणपत लाहोटी के निवास मे बीजापुर जिले के मद्देड मे परमानन्द भट्टड के निवास मे पूजा अर्चना करेंगे.




