महाशिवरात्रि पर विहंगम योग बोरजे गुफा मंदिर में 11 कुंडीय विश्वशांति महायज्ञ एवं सत्संग समारोह सम्पन्न
भक्तो का लगा रहा ताँता

बीजापुर।महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर विहंगम योग संत समाज द्वारा बोरजे स्थित गुफा मंदिर में भव्य 11 कुंडीय विश्वशांति महायज्ञ एवं सत्संग-साधना शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बीजापुर जिले सहित दंतेवाड़ा, गीदम, किलेपाल और बास्तानार क्षेत्र से बड़ी संख्या में भक्त, शिष्य एवं श्रद्धालु शामिल हुए। हिंदू पंचांग के अनुसार महाशिवरात्रि का दिन विहंगम योग संत समाज के प्रथम परंपरा सद्गुरु सद्गुरु आचार्य श्री धर्मचंद देव जी महाराज की जयंती के रूप में भी मनाया जाता है। वर्ष 1919 में उनके जन्म दिवस के उपलक्ष्य में संत समाज द्वारा प्रतिवर्ष महाशिवरात्रि पर जयंती महोत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। कार्यक्रम के अंतर्गत वैदिक मंत्रोच्चार के बीच 11 कुंडीय महायज्ञ में संत समाज के शिष्यों एवं स्थानीय नागरिकों ने आहुति अर्पित की। सम्पूर्ण परिसर वैदिक ऋचाओं से गुंजायमान हो उठा। यज्ञ के पश्चात विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें उपस्थित सभी श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद ग्रहण किया। इसके बाद सत्संग, भजन एवं प्रवचन का कार्यक्रम प्रारंभ हुआ। ग्राम एरामांगी की भजन मंडली ने आध्यात्मिक भजनों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। प्रवचन क्रम में वक्ताओं ने विहंगम योग की साधना पद्धति एवं उसके आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत सदस्य मेथियस कुजूर एवं बुदरू तेलम उपस्थित रहे। उन्होंने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि विहंगम योग संस्था क्षेत्र में शांति, नशामुक्ति और सामाजिक जागरूकता के लिए सराहनीय कार्य कर रही है। साथ ही आश्रम परिसर में विद्युत, जल व्यवस्था एवं सड़क की समस्या के शीघ्र समाधान का आश्वासन भी दिया। प्रांतीय उपाध्यक्ष के. आर. चापड़ी ने अपने उद्बोधन में कहा कि विहंगम योग की साधना पद्धति अपनाने से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन एवं आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है। प्रांतीय मंत्री एवं कार्यक्रम संरक्षक महेश चापड़ी ने विहंगम योग के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए उपस्थित श्रद्धालुओं को सामूहिक रूप से क्रियात्मक साधना कराई।
कार्यक्रम को सफल बनाने में संयोजक लच्छू लेकाम, पोरिया राम, अशोक मन्नैया, कुंजाम शेखर पटेल, वामन मांडवी, भूपत जुमार, मोडाराम, मूड़ाराम सहित मातृशक्ति, उपदेशकगण एवं गुरु भाई-बहनों ने सक्रिय भूमिका निभाई। संत समाज ने बीजापुर नगर के समस्त व्यापारीगणों का विशेष आभार व्यक्त किया, जिन्होंने भंडारे हेतु सामग्री दान देकर एवं प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष सहयोग प्रदान कर कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
महाशिवरात्रि के इस पावन अवसर पर आयोजित विश्वशांति महायज्ञ एवं सत्संग समारोह ने क्षेत्र में आध्यात्मिक ऊर्जा, सामाजिक एकता और सद्भाव का संदेश प्रसारित किया।




