77वें गणतंत्र दिवस पर प्राइस पब्लिक स्कूल आवापल्ली में भव्य एनुअल फंक्शन
नन्हे बच्चों की प्रस्तुतियों ने मोहा मन

आवापल्ली। 77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर प्राइस पब्लिक स्कूल इंग्लिश मीडियम, आवापल्ली द्वारा दूसरे वर्ष के एनुअल फंक्शन का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम उत्साह, देशभक्ति और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर रहा। विद्यालय परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था, जहां सुबह से ही अभिभावकों, ग्रामीणों और गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति बनी रही।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य शंकरैया मड़वी रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ नागरिक मंडल अध्यक्ष तीरथ जुमार ने की। विशिष्ट अतिथियों के रूप में बुरका नरेंद्र, एल. किस्टैया (एसबीआई मैनेजर), श्रीमती प्रभा रानी बुरका, गणपत कुमार लाहोटी (व्यापारी एवं वरिष्ठ नागरिक), जनपद अध्यक्ष श्रीमती पूर्णिमा तेलम तथा भाजपा के समस्त पदाधिकारीगण उपस्थित रहे। सभी अतिथियों का विद्यालय प्रबंधन द्वारा पुष्पगुच्छ भेंट कर गर्मजोशी से स्वागत किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इसके पश्चात विद्यालय के नन्हे-मुन्ने बच्चों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। बच्चों ने देशभक्ति गीत, समूह नृत्य, एकल नृत्य, नाटक एवं कविता पाठ के माध्यम से दर्शकों का मन मोह लिया। विशेष रूप से गणतंत्र दिवस की थीम पर आधारित प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया। बच्चों के आत्मविश्वास, अनुशासन और कला कौशल की सभी अतिथियों ने मुक्त कंठ से सराहना की।

मुख्य अतिथि शंकरैया मड़वी ने अपने उद्बोधन में गणतंत्र दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षा ही समाज और राष्ट्र के विकास की सबसे मजबूत नींव है। उन्होंने प्राइस पब्लिक स्कूल द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के प्रयासों की प्रशंसा की। अन्य अतिथियों ने भी विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों के समर्पण की सराहना करते हुए बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

विद्यालय के डायरेक्टर भानू चिट्ठाल ने अपने संबोधन में अतिथियों एवं अभिभावकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यालय का उद्देश्य बच्चों के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ उनमें संस्कार, अनुशासन और देशभक्ति की भावना का विकास करना है। उन्होंने बताया कि विद्यालय आगे भी इस तरह के शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करता रहेगा।
कार्यक्रम के अंत में सभी बच्चों को प्रोत्साहन स्वरूप सम्मानित किया गया। समापन पर राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का सफल समापन हुआ। पूरे आयोजन ने क्षेत्र में शिक्षा और संस्कृति के प्रति सकारात्मक संदेश दिया।




