राजधानी रायपुर में सजी यादगार वैवाहिक संध्या, संस्कार–श्रद्धा परिणय सूत्र में बंधे
मायरा रिसोर्ट में वैदिक परंपराओं, पारंपरिक संगीत और भव्य आतिथ्य के साथ सम्पन्न हुआ विवाह समारोह

रायपुर। राजधानी रायपुर में 24 फरवरी की रात एक उल्लासपूर्ण और गरिमामय सामाजिक आयोजन देखने को मिला, जब शहर स्थित मायरा रिसोर्ट में परंपरा, संस्कृति और पारिवारिक मूल्यों से सजा भव्य विवाह समारोह सम्पन्न हुआ। इस पावन अवसर पर परमानंद एवं संगीता अग्रवाल के सुपुत्र संस्कार का विवाह श्रद्धा के साथ वैदिक विधि-विधान एवं मंत्रोच्चार के बीच सम्पन्न कराया गया।
विवाह कार्यक्रम की शुरुआत धार्मिक अनुष्ठानों के साथ हुई, जहां विद्वान पंडितों द्वारा मंत्रोच्चार के बीच मंडप में विवाह की रस्में संपन्न कराई गईं। अग्नि को साक्षी मानकर नवदंपती ने सात फेरे लिए और एक-दूसरे के साथ जीवनभर साथ निभाने का संकल्प लिया। यह क्षण उपस्थित परिजनों और अतिथियों के लिए अत्यंत भावुक और स्मरणीय रहा।
मायरा रिसोर्ट को विशेष रूप से पारंपरिक एवं आधुनिक सजावट के संग सजाया गया था। सुसज्जित मंडप, आकर्षक पुष्पों की कलात्मक सज्जा और रोशनी की सुंदर व्यवस्था ने समारोह की भव्यता को और बढ़ा दिया। विवाह स्थल पर हर ओर उत्सव का माहौल था, जहां पारंपरिक संगीत, मंगल गीतों और मधुर धुनों ने पूरे वातावरण को आनंदमय बना दिया।
इस विवाह समारोह में शहर के अनेक गणमान्य नागरिक, सामाजिक बंधु, रिश्तेदार और मित्र बड़ी संख्या में शामिल हुए। सभी ने नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद दिया और उनके सुखद, समृद्ध एवं सफल दांपत्य जीवन की कामना की। अतिथियों के स्वागत और व्यवस्था में विशेष सतर्कता बरती गई, जिससे कार्यक्रम शांत, सुव्यवस्थित और गरिमापूर्ण ढंग से सम्पन्न हुआ।
समारोह के दौरान रात्रि भोज की भी भव्य व्यवस्था की गई थी, जिसमें विविध प्रकार के स्वादिष्ट और पारंपरिक व्यंजनों का समावेश रहा। मेहमानों ने व्यंजनों का आनंद लेते हुए इस पारिवारिक उत्सव को यादगार बताया।
कार्यक्रम के समापन पर परमानंद अग्रवाल परिवार की ओर से समारोह में पधारे सभी अतिथियों, शुभचिंतकों और मित्रों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। साथ ही नवदंपती संस्कार एवं श्रद्धा के उज्ज्वल भविष्य, सुख-शांति और सफल वैवाहिक जीवन के लिए मंगलकामनाएं दी गईं।



